/कौन बनेगा मुख्यमंत्री | Who will become the chief minister | Rajasthan Samvad

कौन बनेगा मुख्यमंत्री | Who will become the chief minister | Rajasthan Samvad

चुनाव जितना छोटा शब्द उतना ही बड़ा भूचाल ला देता है राजनीति में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं सभी पार्टियों में हलचल तेज हो जाती हैं नेताओं के राजनीतिक दौरे बढ़ जाते हैं, ऐसा ही कुछ हो रहा है राजस्थान की राजनीति में भी अमित शाह के आने के बाद, कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट भी यही कहते रहते हैं कि जाने कब क्या हो जाए राजनीति में कुछ कहा नहीं जा सकता और अमित शाह के आने के बाद अब बीजेपी कार्यकर्ता भी यही कहते हुए दिखाई दे रहे हैं उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियों में हलचल तेज हो गई हैं बीजेपी की बात करें तो वसुंधरा राजे जो इतने टाइम तक नदारद थी अब फिर से सक्रिय हो गई हैं राजनीति में वसुंधरा समर्थक जोर शोर से नारे लगाते हुए दिखाई दे जाते हैं कि हमारा नेता कैसा हो वसुंधरा राजे जैसा हो, लेकिन अमित शाह के भाषण के बाद यह साफ हो गया है की वसुंधरा राजे आगामी चुनाव में  बीजेपी का चेहरा नहीं बनेगी इससे वसुंधरा राजे के फैंस को काफी झटका लगा है, और इस से साफ जाहिर होता है कि सतीश पूनिया को क्लीन चिट भी मिल चुकी हैं, और जिस तरह से अमित शाह सतीश पूनिया को अपनी गाड़ी में लेकर आए और उन्हीं से ही साफा पहना उसको देख कर यह साफ साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि अबकी बार बीजेपी राजस्थान में अपना चेहरा बदलने वाली है, लेकिन इसके उलट एक और बात है बीजेपी के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी बहुत कॉन्फिडेंट लग रहे थे स्टेज पर तो इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि शेखावत भी एक मजबूत स्तंभ हो सकते हैं आगामी चुनाव में बीजेपी के लिए, और एक दिलचस्प बात और बता दो कि शेखावत और पूनिया दोनों को ही वसुंधरा राजे फूटी आंख नहीं सुहाती, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने पांच मंत्रियों को बुलाया और उन्हें साफ साफ निर्देश दे दिया कि साथ मिलकर काम करो ,मेहनत करो और आपसी खींचतान बंद करो , अमित शाह के इस दौरे से यह तो साफ है कि वह निश्चित तौर पर यही संदेश देने आए थे कि बीजेपी अपना चेहरा आगामी चुनाव में बदलने वाली हैं क्योंकि जिस तरह से वसुंधरा राजे रैलियां कर रही थी अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही थी उससे साफ जाहिर हो रहा था वसुंधरा राजे यह बताना चाह रही थी कि राजस्थान में उनके अलावा बीजेपी के पास कोई और विकल्प नहीं है, हालांकि वसुंधरा राजे अमित शाह के साथ पूरे दौरे में रही लेकिन उनको एक बात अब समझ आ जानी चाहिए कि बीजेपी अब पहले वाली बीजेपी नहीं है और अब जो भी होगा वह संगठन है निश्चित करेगा अब व्यक्तिगत राजनीति की कोई जगह नहीं बची सबकी उम्मीदें उत्तर प्रदेश चुनाव पर टिकी है कौन हारेगा कौन जीतेगा यह तो वक्त ही बताएगा

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