/क्या सियासी था देवा गुर्जर का मामला ?

क्या सियासी था देवा गुर्जर का मामला ?

राजनीति और हिस्ट्रीशीटर का पुराना और गहरा नाता रहा है और इस रिश्ते पर हम हजारों फिल्में भी देख चुके हैं जो कहीं ना कहीं असल जिंदगी पर ही बनाई जाती हैं बहुत से हिस्ट्रीशीटर  हैं जो आगे जाकर राजनीति में कदम रख लेते हैं कहते हैं कि कोई भी बदमाश पैदा नहीं होता वह हालातों से लड़ते हुए, उन से जूझते हुए इस राह पर कदम रख लेते हैं और अपने हक के लिए लड़ते-लड़ते बन जाते हैं डॉन या फिर हिस्ट्रीशीटर , ऐसे ही डॉन था देवा गुर्जर जिसके अच्छे कर्मों के चलते हैं उसे गुर्जरों का रॉबिनहुड भी कहा जाता था क्योंकि देवा गुर्जर अपने समाज के लिए कुछ ना कुछ दान धर्म करता रहता था और उसका भी सपना राजनीति में कदम रखने का था लेकिन उसके प्रतिद्वंदी होने ऐसा होने नहीं दिया , देवा गुर्जर राजनीति में कदम रखा था उससे पहले ही उसे मौत के घाट उतार दिया गया और अब देवा गुर्जर की हत्या के पीछे सियासी दांवपेच का बडा खुलासा हुआ है क्या है पूरी रिपोर्ट जानने के लिए इस वीडियो को आखिर तक जरूर देखें. आगे बढ़ने से  पहले   हम आपको एक खुशखबरी देते हैं जी हां अगर आप क्रिकेट का शौक रखते हैं तो आप अपने शोक से पैसे भी कमा सकते है जी हां और यह मौका आपको देते हैं डायमंड एक्सचेंज इंडिया इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए डिस्क्रिप्शन में जाइए और सारी जानकारी ले लीजिए बढ़ते हैं अपनी खबर की और नमस्कार राजस्थान सवाद में आपका स्वागत है मैं हूं आपके साथ चेतना शर्मा

 सोशल मीडिया पर देवा गुर्जर की हत्या के बाद से उसके चाहने वाले बहुत से वीडियो से शेयर कर रहे हैं ऐसे ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देवा गुर्जर गरीबों में कपड़े बांटता हुआ दिखाई दे रहा है देवा गुर्जर अपनी कमाई से कुछ हिस्सा अपने समाज के लिए गरीबों के लिए खर्च किया करता था और इन्हीं अच्छे कामों की वजह से उसे रॉबिनहुड भी नाम दे दिया गया था: जब से देवा गुर्जर की हत्या हुई है तब से इस हत्या के पीछे के जो मायने हैं उनको लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं और अब इस मामले का सियासी मोड भी सामने आया है और इस बात को तूल दिया है लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिन्होंने अचानक देवा गुर्जर के घर पहुंच कर उस को श्रद्धांजलि दी कर सभी को चौंका दिया यही नहीं बिरला के इस दौरे को मीडिया से भी रखा गया दूर, न ही मीडिया को इस बारे में कोई जानकारी,दी गई  देवा गुर्जर के घर पहुंचकर बिरला ने मृतक के परिवारजनों से की मुलाकात और ढांढसबंधाया, इस दौरान काफी संख्या में समाज के लोग भी देवा के घर पर मौजूद rahe , वहीं ओम बिरला के इस दौरे के दौरान पुलिस का भी भारी जाब्ता  मौजूदरहा , अब सियासी गलियारों में कयास,  लगाए जा रहे hai ki  अचानक देवा गुर्जर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ओम बिरला ने समाज को साधने का  प्रयास किया, या फिर कहीं कुछ और ही थी बात….., क्योंकि बोराबास और इसके आसपास का गुर्जर बाहुल्य इलाके में बिरला के सियासी प्रतिद्वंद्वी प्रह्लाद गुंजल का  दबदबा माना जाता है , खैर कुछ भी हो लेकिन हिस्ट्रीशीटर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ओम बिरला ने चौंका दिया सबको कुयकी अभी तक इस ममले मैं दोस्ती दुश्मनी या आपसी रंजीश वाला एंगल दीखायी दे रहा था लेकिन अब ओम बिरला ने इस मामले में नया या सियासी मोड भी दे दिया है या आप रजनीतिकी वाला एंगल दीखाई। खेलने की शुरुआत करने की सोच रहा था उसी से पहले ही वो सजीश का शिकार हो गया लेकिन अब ये सजीश रजनीतिक थी या कुछ या इस्का पता भी जल्दी ही चल जाएगा

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