/सत्ता के लिए फिर गहराया गहलोत बनाम पायलट विवाद

सत्ता के लिए फिर गहराया गहलोत बनाम पायलट विवाद

आपने वो कहावत तो सुनी होगी की एक तीर से दो निशाने लगान यानि की काम असा करो की एक ही साधन से दो काम हो जाये और आजकल कम अशोक गहलोत भी यही कर रहे है वो जनता से संपर्क भी कर रहे है और उसी बच्च कारकर्मों में हिस्सा लेने के साथ साथ सचिन पायलट को अप्रत्यक्ष रूप से निष्णा भी बना रहे है और उनको अपनों गलतियों को याद  भी दिला रहे है , क्या है पूरा मामला बताएंगे आपको इस रिपोर्ट में लकिन इससे पहले   हम आपको एक खुशखबरी देते हैं जी हां अगर आप क्रिकेट का शौक रखते हैं तो आप अपने शोक से पैसे भी कमा सकते है जी हां और यह मौका आपको देते हैं डायमंड एक्सचेंज इंडिया इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए डिस्क्रिप्शन में जाइए और सारी जानकारी ले लीजिए बढ़ते हैं अपनी खबर की और नमस्कार राजस्थान सवाद में आपका स्वागत है मैं हूं आपके साथ चेतना शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने  डूंगरपुर जिले में गुजरात से सटे रतनपुर बॉर्डर पर कांग्रेस की ‘आजादी गौरव’ यात्रा हिस्सा लिया। ‘आजादी गौरव’ यात्रा को सम्बोधित करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट की बगावत के चलते पैदा हुए राजस्थान सियासी संकट 2020 को याद करते हुए भाजपा नेताओं को आड़े हाथ लिया।सीएम गहलोत ने कहा कि पायलट खेमे की बगावत के समय राजस्थान में अमित शाह और जोधपुर वाले एमपी गजेंद्र सिंह को शर्म ही नहीं आई। जोधपुर का एमएलए मैं हूं, मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला हुआ है। फिर भी सरकार गिराने की कोशिश की। मेरी सरकार गिराने के लिए अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र शेखावत ने हमारी पार्टी के अंदर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी थी।

राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि इससे अच्छा होता कि हम निकम्मे थे। काम नहीं कर रहे थे। राजस्थान का लॉ एंड ऑर्डर खराब हो गया। सब कुछ ब्रेक डाउन हो गया तो आप राजस्थान सरकार भंग कर देते। एमएलए खरीदकर आप देश को कहां ले जाना चाहते थे? मोदीजी और अमित शाह पर यह दोष जो लगा है, देश के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। इसे कोई मिटा नहीं सकता।सीएम अशोक गहलोत ने अमित शाह को आड़े को हाथ लेते हुए यह भी कहा कि गृह मंत्री जहां कभी सरदार पटेल बैठे थे, वहां आप बैठे हो। क्या करतूतें कर रहे हो? विधायक खरीदकर सरकारें गिराओ। वोटों के माध्यम से नहीं पैसों के जरिए एमएलए खरीदो। राज्यसभा चुनाव हो तो एमएलए खरीदकर राज्यसभा की सीट जीतो। मध्य प्रदेश में सरकार चुनी हुई थी। आपने 22 एमएलए को 35-35 करोड़ में खरीदकर सरकार गिरा दी। यह कहां का लोकतंत्र है? तो ये तीखे तेवर हमारे सीएम  साहब ने अपना लिए है क्युकी अब विधनसभा चुनाव नज़दीक आरहे है और यह तो सभी जानते है अब की  एक बार फिर से कांग्रेस को अपने आप को साबित करने की जरूरत है

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