/Ajmer Jail में रची गई थी Punjab Congress नेता की हत्या की साजिश: Lawrence Bishnoi: Papla Gurjar

Ajmer Jail में रची गई थी Punjab Congress नेता की हत्या की साजिश: Lawrence Bishnoi: Papla Gurjar

राजस्थान सिर्फ अपने टूरिस्ट प्लेसेस के चलते ही फेमस नहीं है, राजस्थान की अजमेर स्थित हाई सिक्यूरिटी जेल भी काफी प्रसिद्ध है.. और इस जेल के फेमस होने की एक वजह है इसकी सिक्यूरिटी और दूसरी है इसमें बंद  खुखार अपराधी और गैंगस्टर. अजमेर की जेल को राजस्थान की काला पानी की सजा के नाम से भी जाना जाता है. अजमेर जेल की बात की जाए तो तो इसमें अभी लारेंस बिश्नोई और पपला गुर्जर समेत कई गैंगस्टर बंद है.

 पंजाब पुलिस ने राजस्थान की हाई सिक्योरिटी अजमेर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब लाने की तैयारी कर ली है। फरीदकोट में यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या मामले में लॉरेंस बिश्नोई को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया है।

फरीदकोट में 18 फरवरी को यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की मोटरसाइकिल सवार दो शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग करके हत्या कर दी थी। और इस घटना के चार घंटे बाद ही अजमेर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। ये हत्या बदला थी चंडीगढ़ में कुछ समय पहले हुई सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या का.

बता दें कि गुरलाल लॉरेंस का बेहद करीबी था। लॉरेंस बिश्नोई के नाम से फेसबुक पर बने अकाउंट पर पोस्ट में लिखा गया है कि ‘जब तक गुरलाल भाई का बदला पूरा नहीं हो जाता, तब तक न जीऊंगा और न जीने दूंगा।’ फरीदकोट में शाम करीब पांच बजे जुबली चौक पर बाइक सवार बदमाशों ने कांग्रेस नेता गुरलाल पहलवान पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के चार घंटे बाद लॉरेंस बिश्नोई के नाम से बने फेसबुक अकाउंट पर लिखा गया कि ‘हम फेसबुक पर डालकर कुछ साबित नहीं करना चाहते हैं, पर मुझे लगता है कि बेकसूर को पुलिस प्रशासन तंग न करे। फरीदकोट में गुरलाल पहलवान की हत्या हुई, उसकी जिम्मेदारी मैं बिश्नोई और गोल्डी बराड़ लेते हैं। 

साथ ही लिखा गया की गुरलाल को कई बार समझाया गया, कि वह अपने काम से मतलब रखे, हमारी एंटी पार्टी के साथ मिलकर कोई भी काम हमारे विरुद्ध न करे लेकिन हर किसी को शब्दों में समझाया नहीं जा सकता, न ही मुझे ज्यादा बोलना आता है, इसलिए यह कदम उठाया है, हमारे भाई गुरलाल बराड़ का कोई लेना देना नहीं था, पर हवाबाजी के लिए उसकी हत्या की, आज भी सोचता हूं, गुरलाल बराड़ ने कभी किसी को कुछ नहीं कहा, जब तक गुरलाल भाई का बदला पूरा नहीं हो जाता, तब तक न जीऊंगा और न जीने दूंगा। इसके बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी को केस के मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में नामजद कर लिया था। 

इस पूरी घटना के बाद दो सवाल पुलिस के सामने खड़े थे की क्या गुरलाल की हत्या की साजिश अजमेर जेल में रची गई थी? और दूसरा ये इन गैंगस्टरस का फेसबुक पेज कौन चला रहा है.

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